इंदौर की छोटी सिरपुर झील के पुनर्जीवन के लिए AMRUT 2.0 की आधिकारिक सूची में ₹12.3 करोड़ की परियोजना दर्ज है। 15 सितंबर 2026 को देखे गए पोर्टल पर उसका चरण “Contract Awarded”, यानी ठेका आवंटित, दिखा। सूची काम की भौतिक प्रगति या पूरा होने की तारीख नहीं बताती।
इस जलाशय की देखरेख का महत्व उसके पक्षियों से आगे भी है। सिरपुर एक उथली, मानव-निर्मित आर्द्रभूमि है। बारिश में भरने वाला पानी, दलदली किनारे, वृक्षों वाले हिस्से और आसपास की बसावट मिलकर उसकी बनावट तय करते हैं। 161 हेक्टेयर का रामसर क्षेत्र 7 जनवरी 2022 से सूची में दर्ज है।
एक झील, पानी की अलग-अलग स्थितियां
EPCO की पर्यावरण अनुसंधान प्रयोगशाला ने मार्च 2020 और मार्च 2021 में दो दौर की जांच की थी। छोटी झील के चार और बड़ी झील के आठ स्थानों से नमूने लिए गए। जांच में सतह और तल, दोनों के पानी को शामिल किया गया। रिपोर्ट में बड़ी झील की जल-गुणवत्ता छोटी झील की तुलना में बेहतर बताई गई और कुछ जगह जैविक पदार्थ जमा होने का संकेत दर्ज किया गया।
इस अंतर का मतलब है कि झील की एक जगह साफ दिखाई देने वाला पानी पूरे जलाशय का हाल नहीं बताता। नालों से आने वाला बहाव, किनारे का उपयोग और तल में जमा पदार्थ अलग हिस्सों को अलग तरह से प्रभावित कर सकते हैं। रिपोर्ट ने आगे के लिए सीवेज और कृषि अपवाह जैसे दबावों को भी रेखांकित किया था।
पक्षियों को किनारों से मिलता सहारा
रामसर सूचना-पत्र में सिरपुर के लिए 130 पक्षी प्रजातियों का उल्लेख है। यह नामांकन के लिए जुटाया गया जैव-विविधता रिकॉर्ड है। खुला उथला पानी, दलदल, पेड़ों पर बसेरे और आसपास की वनस्पति अलग पक्षियों की जरूरत पूरी करते हैं।
सिरपुर के लगभग 1,000 हेक्टेयर जलग्रहण से आने वाला बहाव इस पूरी व्यवस्था से जुड़ता है। रामसर दस्तावेज में पानी की गहराई सामान्यतः करीब दो मीटर तक बताई गई है। इसलिए यहां पानी का स्तर बदलने से खुले पानी और उथले किनारों का अनुपात भी बदल सकता है।
EPCO के अध्ययन और रामसर के अभिलेख झील की देखरेख के लिए इसी जुड़ी हुई तस्वीर को सामने रखते हैं। नालों से आने वाले पानी, तल में जमा पदार्थ और पक्षियों के उपयोग वाले किनारों को साथ समझना बहाली के काम की जरूरी पृष्ठभूमि है।
मुख्य बातें
- 15 सितंबर 2026 को देखी गई AMRUT सूची में परियोजना लागत ₹12.3 करोड़ है।
- “Contract Awarded” ठेका आवंटन का चरण है; यह काम पूरा होने की पुष्टि नहीं है।
- 2020–21 में EPCO ने छोटी और बड़ी झील के कुल 12 स्थानों से पानी के नमूने लिए थे।
स्रोत और संदर्भ
- आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय · AMRUT 2.0: List of Approved Projects — Indore ↗प्रकाशन-तिथि उपलब्ध नहीं
- EPCO, मध्यप्रदेश शासन · Biodiversity of Sirpur Wetland, Indore; study period 2020–21 ↗प्रकाशन-तिथि उपलब्ध नहीं
- Ramsar / मध्यप्रदेश राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण · Sirpur Wetland: Ramsar Information Sheet ↗3 अगस्त 2022
सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 15 सितंबर 2026।



