हल्ला बफर को कोर नहीं चिल्लाता। मानसून: कोर बंद। बफर: धमोखर, पनपथा। 1 जुलाई से 16 अगस्त, सैंतालीस दिन। 400 से अधिक फेरे। 2 हजार से अधिक पर्यटक। राजस्व ₹5.50 लाख से अधिक।
जिप्सी, गाइड, होटल—विज्ञप्ति आय बढ़ी लिखती है, रसीद नहीं देती। स्वतंत्रता दिवस: 29 वाहन, 161 दल, लगभग 40 हजार रुपये। 16 अगस्त: 24 वाहन, 111 दल। दो दिन संचयी 47 में शामिल हैं, अलग जोड़ नहीं।
जो दिखने की पंक्ति है
बाघ-तेंदुआ, हाथी, गौर, चीतल, सांभर, बार्किंग डियर, नीलगाय—सूची उपस्थिति की है। धमोखर: बाघिन और शावक “धमा-चौकड़ी”—विज्ञप्ति का शब्द, शावकों की गिनती नहीं।
कोर 1 जुलाई–30 सितंबर बंद। 19 अगस्त की शीट उस बंद को नहीं खोलती। चित्र बफर हरियाली का फ्रेम है।
मुख्य बातें
- 400+ फेरे और 2,000+ पर्यटक 1 जुलाई–16 अगस्त के हैं।
- कोर उसी अवधि में बंद है, 30 सितंबर तक।
- ₹5.50 लाख विभाग का राजस्व है, पूरे वर्ष का नहीं।
स्रोत और संदर्भ
सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 18 सितंबर 2026।



